बच्चों को पैदाइशी स्वस्थ रखने के उपाय

 

गर्भवती स्त्रियां अपनी दिनचर्या को नियमित करके तथा गर्भावस्था में अपने खाने पीने का ज्यादा से ज्यादा ध्यान रख कर अपने होने वाले बच्चा को पैदा होने के बाद तथा बड़ा होने पर भी स्वस्थ रख सकती है । मोटापे की बिमारी, हाईब्लड प्रेशर , डायबिटीस, आदि बीमारियो से बचा सकती है। इसके लिये गर्भावस्था में शुरू से ही खाने पीने का पूरा ध्यान रखें व डा. सलाह समय समय पर अवश्य लेते रहें ।

 
 
 

निम्नलिखित सावधानियां रखें -

1. किसी भी तरह की उल्टी हो रही हो तो सूखाधनिया या हरा धनिया, कूट पीसकर उसका पानी निचोड़ कर 5-5 चम्मच, बार-बार पिलाऐं। उल्टी रुक सकती है। यह उपाय गर्भवती स्त्रियों के लिये भी कर सकते हैं।

2. चार नीबू का रस निकाल कर छान लें, 50 ग्राम सेंधा नमक पीसकर डालें। 125 ग्राम जीरा साफ करके रस में भिगा दें भीगते भीगते जब रस बिल्कुल सूख जाये, केवल जीरा रह जाये तो इसे कांच की शीशी में भर कर रख दें उल्टी महसूस होने पर इसे । मुंह में डाल लें


3. हर्र को पिसकर शहद मिलाकर चाटने से उल्टी बंद होती है।

4. अदरक व प्याज का रस 2-2 चम्मच पिलाने से उल्टी बंद होती है।

5. बार-बार उल्टी आने पर बर्फ चूसना चाहिये।(गर्मियों में)

6. तुलसी की पत्तियों का रस पियें उल्टी बंद हो जायेगी। पेट में होने वाले कीड़े भी नष्ट हो जाते हैं।

7. तुलसी का रस व शहद मिलाकर चाटने से ज्यादा फायदा होगा। 

8. पित्त की उल्टी हो तो दालचीनी पावडर व शहद मिलाकर चाटें।

9. जी मचलाना- 2 लौंग, एक कप पानी में डालकर उबालें और उस पानी को पी जायें, फायदा होगा। लौंग चबा लें, उससे भी ठीक होगा।

10. जी मचलाना अखरोट सेवन से भी ठीक होता है।

11. रात को काला चना एक ग्लास पानी में भिगो दें, सुबह उसका पानी पियें, फायदा होगा। यदि गर्भवती स्त्री का है तो भुने चने का सत्तू पतला पानी में घोल कर स्वादानुसार नमक या चीनी डालकर पी जायें।

12. यदि गर्भावस्था को कै हो तो एक पाव पानी में एक मुट्ठी चावल भिगा दें। आधा घंटा बाद पांच ग्राम हरा या सूखा धनिया डालकर मसलकर छानकर इस पानी को चार हिस्से में कर लें व गर्भवती महिला को चार बार में पिलायें आराम मिलेगा।

13. अगर यात्रा में खानपान की गड़बड़ी से जी मचलता हो तो लहसुन की कली चबाने से मिचली दूर होगी।

14. जी मिचलने पर प्याज काटकर नींबू, काला नमक लगाकर खायें।

15. गर्भवती स्त्री को गाजर का जूस बराबर पिलायें। कैल्शियम तथा खून की कमी नहीं होगी।

16. गर्भिणी की कै हो तो एक दिन में दो तीन बार आंवले का मुरब्बा खायें।

17. आंवले का उपयोग गर्भवती महिला को अवश्य करना चाहिए। किसी भी रूप में। अच्छा आंवला, एक अंडे से अधिक बल, शक्ति, स्फूर्ति देता है।

18. कच्चे टमाटर के रस में शहद मिलाकर देना चाहिए। इससे भूख बढ़ती है, एनेमिया के शिकार नहीं होती है। यह रक्त में स्थित लाल कणों को बढ़ाता है जिसकी उन्हें सख्त जरूरत होती है।

19. गर्भवती महिला को चुकंदर का सेवन  किसी भी रूप में  करना चाहिए। यह स्तन में दूध की मात्रा बढ़ाता है।

20. आलू में मुर्गी के चूजे की बराबरी करने की क्षमता होती है। इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है जो बच्चे हों या बड़े, गर्भवती महिला हो या बूढ़ा व्यक्ति सबके लिए शक्तिदायक है।

21. मूंगफली में प्रोटीन, चिकनाई, शर्करा की मात्रा पायी जाती है। ये प्रोटीन दूध से मिलती जुलती है। गर्भावस्था में महिलाओं को रोज 50 ग्राम मूंगफली रोज खाना चाहिए जिससे मां और होने वाले बच्चे को पूरा पोषण मिलता है।

22. कुछ मेवे जैसे बादाम, अखरोट, गर्भवती महिलाओं को अवश्य लेना चाहिए। ये शरीर की दुर्बलता दूर करते हैं। अखरोट विशेष मस्तिष्क को बल देता है। मां-बच्चे दोनों को।

23. गर्भवती महिलाओं को खाना खाने के बाद थोड़ी मात्रा में अजवाइन अवश्य लेनी चाहिए। इससे मिचली नहीं होती और खाना जल्दी हजम होता है।

24 . गर्भवती महिलाओं को दूध में मुनक्का उबालकर पहले मुनक्का खायें फिर दूध पी जायें। इससे कब्ज की शिकायत नहीं होगी। साथ ही हीमोग्लोबीन बढ़ेगा।

25. गर्भवती महिलाएं अपने खाने वाले फलों में मौसम के अनुसार फालसा, चुकंदर, अवश्य जोड़ें। इससे उन्हें रक्त बढ़ता है। तथा स्तन में दूध की मात्रा बढ़ती है।

26. दैनिक आहार में हरी सब्जियां अवश्य लें। इससे आयरन प्राप्त होता है।

27. गर्भावस्था में नमक कम खायें।

28. गर्भवती स्त्रियों को सुबह शाम नारंगी का सेवन अवश्य करना चाहिए ताकि होने वाली संतान सुंदर, स्वस्थ हो। कारण मौसमी में विटामिन ए, बी, डी अधिक होता है। कैल्शियम, फॉस्फोरस, मिनरल अधिक होने के कारण खून लाल बनाता है।

29. हमेशा प्रसन्न रहें, तनाव से दूर रहें।

30. हर्र को पीसकर शहद के साथ चाटें। उल्टी बंद होगी।

31. शहद में प्रोटीन होता है,इसका सेवन गर्भावस्था में बराबर करते रहने से होने वाले बच्चे में पवित्र गुण आ जाते हैं। शहद में हारमोन्स ऐसे होते हैं जो महिला का यौवन और रंगरूप बनाये रखता है। ,

32. गर्भावस्था में अक्सर खून की कमी आ जाती है। इसलिए दो चम्मच शहद ,होने वाला बच्चा हिस्ट पुष्ट व सुंदर होगा।पूरे गर्भकाल में दस ग्राम सौंफ का अर्क पीते रहने से गर्भ स्थिर रहता है । एक कप कच्चे दूध में एक चुटकी पिसी फिटकरी डालकर कच्ची लस्सी पीने से गर्भपात रुकता है।

34. गर्भावस्था में एरंड के तेल की मालिश स्तन तथापर करें त्वचा पर दरारें नहीं पडेंगी।

35. गर्भावस्था में छांछ पियें।

36. गर्भावस्था में सब्जियों को मेथी का तड़का देकर बनाएं। गर्भाशय शुद्ध रहता है भूख खुलकर लगती है।

37. अगर बार बार गर्भपात हो तो गर्भावस्था  में सिंघाड़े खायें, फायदा होगा।

38. गर्भावस्था में स्तनों में दर्द हो तो हल्दी की गांठ को पानी के साथ पत्थर पर घिसकर लेप करें।

39. यदि उल्टियां हो रही हों तो एक चम्मच तुलसी का रस पियें। इसे पीने से फायदा होगा।

40. भोजन करने के बाद थोड़ी सी सैर अवश्य करें।

41. गर्भावस्था में यदि बार बार हिचकी आये तो अजवाइन चबायें या लौंग मुंह में रखें।

42. अगर आपने केले खायें हों और उससे पेट भारी लग रहा हो तो तुंरत छोटी इलाइची खा लें। केले आसानी से हजम हो जायेंगे।

43. गर्भवती स्त्री को नारियल का गोला एवं मिश्री खाने से प्रसव में कष्ट नहीं होता। संतान गौर वर्ण व हष्ट पुष्ट होती है।

44. यदि गर्भावस्था में उल्टियां अधिक हो रही हों तो उसे रोकने के लिए राई को पीसकर पेट पर मलमल का कपड़ा रखकर लेप करें। पंद्रह मिनट रहने दें। उल्टियां बंद हो जाएंगी।

45. गर्भावस्था में पत्तागोभी खायें। इसमें क्षारीय तत्व होते हैं जो रक्त शोधन करते हैं। इसकी सब्जी या कच्चा सलाद अवश्य लें।

46. प्रसव के बाद पपीते का सेवन करें। स्तन में दूध की वृद्धि होगी।

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