यंग तुर्क ग्रुप

Bird, Oil on canvas

कलकत्ता ग्रुप के अतिरिक्त यंग तुर्क नामक एक अन्य समूह था। पी.टी. रेड्डी इसके प्रमुख सदस्य थे। सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट के प्रिंसिपल चार्ल्स जेरारर्ड से प्रोत्साहन पा कर यंग तुर्क ने 1941 में अपनी पहली प्रदर्शनी लगाई। इसके बाद भवेश सान्याल और सैलोज़ मुखर्जी ने कलकत्ता को अलविदा कह दिया। भवेश लाहौर चले गए तो सैलोज रोजगार की तलाश में दिल्ली आए। एनजीएमए संग्रह में इन्हें खास स्थान प्राप्त है।

भारत के प्रसिद्ध लोक एवं जनजातीय जनजाति कला

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