प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप, मुंबई

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1947 आते-आते मुंबई के कलाकारों में बेचैनी की लहर उठने लगी। परिणामस्वरूप प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट ग्रुप (पीएजी) की स्थापना हुई। इसमें फ्रांसिस न्यूटन सुज़ा, मकबूल फिदा हुसैन, सैयद हैदर रज़ा, कृष्ण हवालाजी अरा, हरि अंबा दास गडे और मूर्तिकार एस. वर्के शामिल थे। संस्थापक सदस्यों के अलावा सौंदर्य़ मूल्यों को लेकर अन्य कलाकार में भी दृश्य भाषा के प्रति इस समूह की भावना की ओर रुझान देखा गया। विशुद्ध स्वरूप के प्रति लगाव उनकी आस्था बन गई। पीएजी से निकटता रखने वाले मशहूर कलाकारों में उल्लेखनीय हैं अकबर पदमसी, तैयब मेहता, बाल छाबड़ा, वासुदेव एस गायतोंडे, राम कुमार और कृष्ण खन्ना। एनजीएमए में इन कलाकारों में अधिकांश द्वारा बनाए गए की चित्र है जो उनकी कलात्मक विकास के विभिन्न चरणों को प्रस्तुत करते हैं। इस काल के अन्य कलाकार जिन्होंने इसी दिशा में बढ़ने की ठान ली वे हैं नारायण श्रीधर बेंद्रे और कटिंगेरी कृष्ण हेब्बर।

Francis Newton Souza

 

भारत के प्रसिद्ध लोक एवं जनजातीय जनजाति कला

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