अमृता शेर-गिल
Amrita Sher Gil painter (1913-1941)
अमृता शेर-गिल का जीवन परिचय
Amrita Sher-Gil Nude, Oil on canvas 1921 में अमृता का परिवार समर हिल शिमला में आ बसा। बाद में अमृता की मां उन्हें लेकर इटली चली गई व फ्लोरेंस के सांता अनुंज़ियाता आर्ट स्कूल में उनका दाखिला करा दिया। पहले उन्होंने ग्रैंड चाऊमीअर में पीअरे वेलण्ट के और इकोल डेस बीउक्स-आर्टस में ल्यूसियन सायमन के मार्गदर्शन में अभ्यास किया।
Amrita Sher-Gil Bride's Toilet, Oil on canvas
Amrita Sher-Gil Woman at Bath, Oil on canvas
अमृता शेर-गिल का कला पक्ष
सार्वजनिक विषयों पर अमृता शेर-गिल की अधिकांश कृतियों को एनजीएमए में रखा गया है, जहां इस तेजस्वी कलाकार के 100 से अधिक चित्र हैं। अमृता के पिता धनवान, जागीरदार सिख थे और उनकी माता हंगरी की थी। अमृता का जीवन यूरोप और भारत दोनों देशों में बीता। अमृता सुखमय और सभ्य प्रेरणादायक महिला होने के साथ-साथ असाधारण प्रतिभा की चित्रकार भी थीं।
Amrita Sher-Gil Self-portrait 1929 में अमृता शेर-गिल ने पेरिस में इकोल डेस ब्यूक्स आर्टस से जुड़ गईं। उनकी चित्रकारी की कुशलता को स्वीकार किया गया और उसकी सराहना की गई। उन्हें पेरिस में कलाकारों का रूढिमुक्त जीवन पसंद आया। अब अमृता की चित्र शैली में यूरोपीय अभिव्यक्ति की झलक नजर आने लगी थी, जिसमें यूरोपीय यथार्थवाद और चित्रकार के रचनात्मक प्रयोग का समावेश था। 1930 के दशक की शुरूआत में बनाए गए अनेक चित्र यूरोपीय शैली के है और इनमें अनेक अपने ही चित्र सम्मिलित हैं पेरिस में जीवन को चित्रित करने वाले कई चित्र हैं जिनमें नग्न अध्ययन, निर्जीव वस्तुओं के अध्ययनों के साथ-साथ चित्रों तथा साथी विद्यार्थियों के चित्र शामिल हैं। इनमें से निजी चित्र अधिक हैं इन चित्रों में कलाकार के विभिन्न मनोभावों की झलक की प्रस्तुति है- गंभीर चिंतनशील और प्रसन्नता साथ ही इनमें उनके व्यक्तित्व में आत्मसात अस्वताघा का पुट भी झलकता है।
Self Portrait, 1935 1930 के दशक के मध्य तक उनकी शैली में मौलिक परिवर्तन आया। तब उन्हें भारत की याद सताने लगी और 1934 में उनका परिवार भारत लौट आया। तब वह भारत को एक कलाकार के नजरिए से देखने लगी। इस युवा चित्रकार पर रंगों, संरचना, गतिशीलता और लोगों की सांसारिकता का बहुत असर पड़ा। भारत में उन्होंने लघुचित्रों की भाषा को अपनाया।
तीन लड़कियाँ Three Girls, 1935 अलग-अलग सभ्यता और संस्कृतियों के माता-पिता, पेरिस में उनको कलाविद्यालय से सम्बद्धता, उनकी अलग-अलग लैगिंक विशिष्टता, जिसने उन्हें देशी और विदेशी दोनों पहचान दी- की उनके जीवन की जटिलताओं ने उन्हें लगातार अपनी चित्रभाषा को नई शैली में प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपनी आधुनिक संवेदनशीलता और पारम्परिक कला-ऐतिहासिक संसाधन के प्रति अपने उत्साहपूर्ण आकर्षण में सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास किया।
Amrita Sher-Gil Brahmacharis, Oil on canvas
Young Girls, 1932, Amrita's sister Indira sits on the left clothed in chic European garb, while the partially undressed figure in the foreground is a French friend, Denise Proutaux. This painting was awarded a Gold Medal at the Grand Salon in 1933
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